जनपद बस्ती/ दो माह से चल रहे रसोई गैस किल्लत के बीच लगभग छह लाख सिलिंडर बांटे जा चुके हैं। गैस की आवक कम होने से एजेंसियों पर भीड़ जुट रही है। एक-एक गैस के लिए मारामारी मची है, जिसके चलते होम डिलीवरी संभव नहीं हो पा रही है। जबकि प्रत्येक होम डिलीवरी पर आयल कंपनी 33 रुपये उपभोक्ताओं से वसूल रही है। इस आधार पर देखा जाए तो बिना होम डिलीवरी किए गैस एजेंसियों ने दो माह में
लगभग छह लाख गैस वितरण कर 1.98 करोड़ रुपये डकार लिए हैं। आयल कंपनी प्रत्येक गैस सिलिंडर के लिए एजेंसियों को अलग से कमोशन भी देती है।
इन समय पूरे दिन लाइन में लगने के बाद भी रसोई गैस नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि मांग के सापेक्ष आवक नहीं है। जिस कारण एजेंसियों पर अनुकूल व्यवस्था नहीं बन पा रही है।
घरेलू गैस के लिए 975 व व्यवसायिक के लिए 2300 रुपये हैं निर्धारित, वक्त्रयदा ग्राहकों को रसीद भी देतीं हैं एजेंसियां
को 10417 रिफिल वितरण को मिले हैं, जबकि सोमवार को 9841 रिफिल ही मिले थे वहीं बुधवार को 10074 रिफिल प्राप्त होंगे। किसी-किसी दिन 11-12 हजार के आसपास रिफिल प्राप्त हुए हैं। प्रतिदिन औसतन दस हजार रिफिल के आधार पर एक माह में तीन लाख रिफिल बांटे गए हैं। एजेंसियों द्वारा दो माह से होम डिलीवरी लगभग नहीं के बराबर कराई गई है। जो लोग होम डिलीवरी पाएं भी हैं उनसे न्यूनतम 1050 रुपये लिए गए हैं। ज्यादातर लोगों से होम डिलीवरी के नाम पर 12-1300 रुपये भी लिए गए हैं।
इस तरह आम उपभोक्ता दोनों तरफ से पिस रहा है। लाइन में भी लग रहा है और होम डिलीवरी का पैसा भी रसीद में दे रहा है। घरेलू गैस बुकिंग हैं।
पर 975 रुपये तथा व्यवसायिक गैस पर 2300 रुपये उपभोक्ता को नियमानुसार देने हैं। इसमें होम डिलीवरी धनराशि जुड़ी हुई है। व्यवसायिक सिलिंडर की सिक्योरिटी मनी के रूप में 2400 रुपये जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक घरेलू गैस पर 73 रुपये तथा व्यवसायिक पर 120 रुपये आयल कंपनी कमीशन के रूप में गैस एजेंसी को मुहैया कराती है।
आईओसीएल के विक्रय अधिकारी संतोष सोनी ने बताया कि बुकिंग के दौरान ही होम डिलीवरी के लिए उपभोक्ता से 33 रुपये लिए जाते हैं। इस समय होम डिलीवरी कराने जैसी स्थिति नहीं बन पा रही है। गैस कालाबाजारी होने का डर बना हुआ है साथ ही वितरक से कई स्थानों पर गैस छिनने व अभद्रता की शिकायतें भी आ चुकी हैं। होम डिलीवरी के लिए बीपीसीएल और एचपीसीएल अलग-अलग शुल्क वसूलती हैं साथ ही प्रत्येक गैस वितरण पर एजेंसी को अलग कमीशन भी निर्धारित कर दिया है
