उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर जिले में मदरसा शमशुल हुदा के ध्वस्तीकरण पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम हस्तक्षेप करते हुए तत्काल रोक लगा दी है। मदरसा कमेटी ने बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी भी निर्माण को ध्वस्त करना न्यायसंगत नहीं है।
याचिका में मदरसा पक्ष (मुस्लिम पक्ष) ने दलील दी कि उन्हें न तो पर्याप्त नोटिस दिया गया और न ही अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिला। वहीं प्रशासन का कहना है कि मदरसा का निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया था और इसमें विदेशी फंडिंग का भी मामला सामने आया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट की इस टिप्पणी को सरकार के लिए कड़ी फटकार के रूप में देखा जा रहा है, जहां कानून के पालन और प्रक्रिया की अनदेखी पर सवाल खड़े हुए हैं।
